अनुवादक

बुधवार, 9 फ़रवरी 2022

"जैसी दृष्टि-वैसी सृष्टि" कहानी ~ दिनेश बरेजा

🔆💥 जय श्री राम 🔆💥 

 जैसी दृष्टि-वैसी सृष्टि 

एक कक्षा में 32 छात्र थे।
शिक्षक बड़े ही मनोवैज्ञानिक थे।
उन्होंने सभी छात्रों से कहा अपने सहपाठियों की 3 बुराई लिखो।

सबने सबके विषय में लिखा, एक छात्र ने सबसे अधिक 16 सहपाठियों कि बुराई लिखी। एक छात्र ऐसा भी था कि उसने कुछ लिखा ही नहीं।

शिक्षक ने परिणाम घोषित किया। जिस छात्र ने 16 लोगों की बुराई की थी उसको 24 अन्य छात्रों ने बुरा लिखा था। जिस छात्र ने कुछ नहीं लिखा था , आश्चर्यजनक रुप से उसके विषय में भी किसी ने कुछ गलत नहीं लिखा था।

जिस तरह का विचार आपका होगा , वैसे ही लोगों को आप आकर्षित करेंगें। जब हमें यह लगे कि मेरे साथ ऐसा क्यों हो रहा है तो कर्म से अधिक विचार पर ध्यान देना चाहिये।
प्रेषक-दिनेश बरेजा 


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