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शुक्रवार, 13 मार्च 2026

ग्राम पंचायत में प्राकृतिक खेती पर कार्यशाला (बैठक) का आयोजन


 

लहरपुर (सीतापुर):    लहरपुर विकास खंड की ग्राम पंचायत बेहड़ा कोदहरा के ग्राम पंचायत सचिवालय में आज 'प्राकृतिक खेती: खुशहाली का आधार' विषय पर एक दिवसीय किसान जागरूकता बैठक का आयोजन कलस्टर प्रभारी आशीष मिश्रा की अध्यक्षता में किया गया। इस बैठक में कलस्टर प्रभारी, कृषि सखी और प्रगतिशील किसानों ने रासायनिक खाद के दुष्प्रभावों को छोड़कर प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर दिया।

बैठक में कृषि सखी गीता देवी द्वारा 'जीवामृत' बनाने की विधि बताई गई। प्राकृतिक खेती का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ 'जीवामृत' है। यह मिट्टी में सूक्ष्मजीवों की संख्या बढ़ाने और फसलों को पोषण देने का सबसे सस्ता और प्रभावी उपाय है।

' वही ग्राम पंचायत के प्रगतिशील किसान राकेश सिंह उर्फ मुक्ती सिंह ने संबोधन किसानों को संबोधित करते हुए कहा, "हमारा उद्देश्य गाँव की भूमि को बंजर होने से बचाना और जहर मुक्त अनाज उगाना है। जिसके लिए सरकार अपने स्तर पर हम किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक संसाधन हेतु 2000 रुपए प्रति फसल और स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण भी दिया गया है।

 कलस्टर प्रभारी आशीष मिश्रा के द्वारा प्राकृतिक खेती के 'चार स्तंभ' मुख्य सिद्धांतों के बारे में भी बताया कि  जीवामृत/बीजामृत, आच्छादन, वापसा  तथा मिश्रित खेती के विषय में जानकारी दी गई। साथ ही बताया कि 'परंपरागत कृषि विकास योजना' (PKVY) के अंतर्गत चयनित ग्राम पंचायत में प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को क्लस्टर बनाकर आर्थिक सहायता मिल रही है। 

बैठक  में सम्मिलित 50 से अधिक किसानों ने कम से कम अपने एक खेत में प्राकृतिक विधि से खेती करने का संकल्प लिया।

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